बातें बातें बातें,
इधर उधर की बातें,
घर में बातें,नुक्कड़ पर बातें,
गहरी बातें, कोरी बातें,
चुभती बातें,हंसाती बातें,
उलहानी बातें, ठठाती बातें,
बोली अनबोली बातें,
भूली बिसरी बातें,
अकेले में मुस्कान जगाती बातें,
रेडीयो टीवी की इक तरफ़ा बातें,
उफ़न पड़ने को मन में धुमड़ती हजारों बातें,
बस में बातें, ट्रेन में बातें,
पाखानो में भी मोबाइल पर बातें,
तकियों के नीचे दुबके मोबाइल
खामोश कंपन से,
मिसड कॉल की बातें,
चलते लेक्चर में स म स से बातें,
दोनों कानों पर चिपके एक नहीं दो दो मोबाइल,
मुहँ भी दो होते काश की बातें,
खामोश मोबाइल और सफ़ेद स्याह कंपुटर,
टकटकी लगाये प्यासी आखें,
मौत सा सन्नाटा है,
बजती घंटी,चमकती हरी बत्ती,
खनकती हंसी,
हर सासँ की तार हैं बातें,
कितना कुछ़ है कह जाने को
kया तुम सुनोगे मेरी बातें
सुस्वागतम
आपका हार्दिक स्वागत है, आप
से पधारे हैं, आपको यह चिट्ठा कैसा लगा? अपनी बहूमूल्य राय से हमें जरूर अवगत करावें,धन्यवाद।
से पधारे हैं, आपको यह चिट्ठा कैसा लगा? अपनी बहूमूल्य राय से हमें जरूर अवगत करावें,धन्यवाद।
June 24, 2007
बातें
Posted by
anitakumar
at
6/24/2007 01:38:00 AM
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